महिला आरक्षण से जुड़ा बिल ५४ वोट से गिरा
पक्ष में २९८ वोट जबकि विपक्ष में २३० वोट पड़ें, पहली बार मोदी सरकार कोई बिल पास करने में नाकाम
Author
Lalit Shishodia
Published
17 April 2026
महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (१३१) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नही कर पाईं। इसमे संसद की ५४३ सीटों से बढ़ाकर ८५० सीटें करने का प्रावधान था। २१ घंटे की चर्चे के बाद इस पर वोटिंग हुई। लोकसभा में ५२८ सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में २९८ और विपक्ष में २३० वोट पड़े। लोकसभा में मौजूदा सांसदों की संख्या ५४० है और तीन सीट खाली है। कोई भी बिल पास करने के लिये दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है, ५२८ का दो तिहाई ३५२ होता है। इस तरह से बिल ५४ वोट से गिर गया। १२ साल के शासन यह पहला मौका है जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं कर पाई है। इससे पहले अमित शाह ने १ घंटे स्पीच दी, लेकिन सब बेकार साबित हुई। बीजेपी सरकार अब तक तीन बिल पास नही कर पाई है.. १. संविधान (१३१ वां शांशोधन) विधेयक २०२६: लोकसभा सीट ८५० करने का प्रस्ताव है, राज्यों से ८१५ और केंद्र क्षाशीत प्रदेश से ३५ सीट हो सकती है। २. परिसीमन (संशोधन) विधेयक २०२६: परिसीमन के लिये जनसंख्या की परिभाषा में बदलाव किया जाएगा, ताकि २०११ की जन गढ़न को आधार बनाया जाएं । ३. केंद्र शासित परेश कानून (संशोधन) विधेयक २०२६: यह विधेयक पुडुचेरी, देहली, जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन करता हैं, ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण बिल लागू हो सकें।
